सोनू सूद हैं असली हीरो | बेटे द्वारा घर से निकाल दी गयी, बांद्रा स्टेशन पर रोती हुई मां के बेटे बने सोनू | पढ़े पूरी ख़बर

गैर प्रांतीय मजदूरों को उनके राज्य वापस भेजने के लिए “घर भेजो” मुहिम शुरू करने वाले अभिनेता सोनू सूद ने फिर एक बार जरुरतमंदो के प्रति सेवाभाव दर्शाते नजर आये । जैसा कि आप सभी जानते है सोनू सूद अब तक हजारों मजदूरों को उनके राज्य भेज चुके हैं। कोरोना संकटकाल में जिस तरह सोनू सूद ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, वो काबिल-ए-तरीफ है।

ट्वीट या मैसेज के जरिये मदद मांगने वालो को तुरंत मदद पहुँचाने अभिनेता सोनू सूद ने हर किसी का दिल जीत लिया है। रील लाइफ में हज़ारों हीरो देखे हैं पर असल जिंदगी में जो सोनू सूद ने किया है, लोग उन्हें रियल लाइफ हीरो का टाइटल दे रहे हैं। बॉलीवुड के कलाकारों ने, खिलाडियों ने और आम जनता ने भी सोनू सूद की काफी प्रशंसा की है और उनके कार्य को खूब सराहा है।

माहौल अब यह बन चुका है कि अब आम लोग भी टि्वटर पर सोनू सूद को टैग कर बेसहारा और जरुरतमंदो के लिए मदद मांग ले रहे हैं। सोनू सूद ने उनके टैग कर किये हुए हर निवेदन पर ना सिर्फ ध्यान दिया है बल्कि तुरंत उसपर एक्शन भी लिया है। ऐसे ही बांद्रा स्टेशन पर एक बुजुर्ग महिला को रोता देख एक लड़की ने सोनू सूद को वीडियो बना कर ट्वीट कर दिया। ट्वीट देखते ही उस बुजुर्ग महिला की मदद के लिए सोनू सूद तुरंत बांद्रा स्टेशन के लिए रवाना हो गए।

 

जाने क्या है पूरा मामला


दरअसल यह कहानी है 70 वर्षीय लीलावती केदारनाथ दुबे की। इस बुजुर्ग महिला का छोटा बेटा दिल्ली में रहता है और बड़ा बेटा मुम्बई में रहता है । बड़ा बेटा बीमार था इसलिए ही छोटे बेटे ने अपने बड़े भाई की देखरेख के लिये अपनी माँ को मुंबई भेज दिया। लेकिन ज्यों ही बड़ा बेटा स्वस्थ हो गया उसने अपनी माँ को घर से निकाल दिया।

 

हालत से मजबूर माँ अब हर कीमत पर अपने छोटे बेटे के पास दिल्ली लौट जाना चाहती हैं। पर दिल्ली जाने के लिये कोई ट्रेन नहीं है अभी । वह महिला भीख मांग कर किसी तरह जी रही है और दिल्ली के ट्रेन का इंतजार कर रही है। इस पूरी बात की जानकारी जैसे ही सोनू सूद को हुई वे बांद्रा पहुंच गये और उस महिला का सहारा बन गये। बताया जा रहा है इस बुजुर्ग महिला के तीन बेटे और दो बेटी हैं।

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